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Monday, June 8, 2026

राष्ट्रीय वर्षा पोषित क्षेत्र प्राधिकरण (एन. आर. ए. ए.) टीम ने जलागम एवं आजीविका हस्तक्षेपों के प्रभावों की समीक्षा हेतु टहरौली परिदृश्य का दौरा किया

टहरौली (झांसी)। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) के एक दल ने झांसी जिले के टहरौली परिदृश्य का दौरा कर उत्तर प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) द्वारा वित्तपोषित परियोजना के अंतर्गत इक्रिसैट (ICRISAT) द्वारा किए गए कार्यों द्वारा प्रभावों का अवलोकन किया। दल में डॉ. सुसमा सुधिस्री, तकनीकी विशेषज्ञ (जलागम), डॉ. ए.के. मिश्रा, तकनीकी विशेषज्ञ (जलागम), डॉ. बी. कांडपाल, तकनीकी विशेषज्ञ (कृषि एवं उद्यानिकी) तथा डॉ. पंकज शाह, निदेशक (कृषि एवं उद्यानिकी) शामिल थे। मैदानी भ्रमण के दौरान टीम ने क्षेत्र में जलागम विकास एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संबंधी हस्तक्षेपों के परिणामस्वरूप भूजल उपलब्धता, फसल पद्धति तथा फसल सघनता में हुए उल्लेखनीय सुधारों का अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल ने नोटा गांव में निर्मित सामुदायिक तालाब का निरीक्षण किया, स्थानीय कृषक समुदायों से संवाद किया तथा परियोजना के अंतर्गत स्थापित अमरूद आधारित कृषि-उद्यानिकी प्रणाली का अवलोकन किया। टीम ने गुंदाहा एवं भदोखर गांवों में स्थित पारंपरिक हवेली संरचनाओं का भी दौरा किया, जो जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एनआरएए टीम ने टहरौली की प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन समिति (NRMC) के सदस्यों के साथ संवाद किया। इस समिति का गठन चयनित गांवों में परियोजना गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। टीम ने प्रोग्रेसिव बुन्देलखण्ड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPO), टहरौली के निदेशकों एवं प्रवर्तकों से भी मुलाकात की तथा किसानों को उन्नत फसल किस्मों के गुणवत्तायुक्त बीज समय पर उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। चर्चा के दौरान कृषि उत्पादकता बढ़ाने एवं किसानों की आय में सुधार लाने में एफपीओ की सकारात्मक भूमिका को रेखांकित किया गया।भ्रमण के दौरान टीम ने प्रणाली को और अधिक टिकाऊ एवं प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए तथा इक्रिसैट द्वारा अपनाए गए एकीकृत परिदृश्य (Integrated Landscape) दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि उत्पादकता तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में प्राप्त प्रत्यक्ष एवं सकारात्मक परिणामों पर संतोष व्यक्त किया। इक्रिसैट की ओर से डॉ. रमेश सिंह, ग्लोबल रिसर्च प्रोग्राम डायरेक्टर (रेज़िलिएंट फार्मिंग सिस्टम्स), डॉ. अशोक शुक्ला (सहायक वैज्ञानिक),  विशाल सिंह, शिशुवेन्द्र कुमार, इंजी. दीपक त्रिपाठी, सुनील कुमार निरंजन ने भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल का साथ दिया। इस मौके पर रामप्रकाश पटेल, पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला, रविन्द्र कुमार सोनी, इंद्रपाल सिंह बुंदेला, आशीष उपाध्याय, एडवोकेट दीपक पस्तोर, पिंटू वर्मा, रुचि खरे, घनश्याम दास यादव, संजीव जैन, नीरज कुमार, एडवोकेट, अश्वनी कुमार, अजय कुमार  आदि उपस्थित रहे।


रिपोर्ट –  कृष्णकांत साहू, टहरौली ( झांसी )

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