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Wednesday, April 8, 2026

जनगणना 2027 को जन-अभियान बनाने पर जोर, 10 अप्रैल तक पूरी हों तैयारियां: मुख्य सचिव

झांसी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे जन-अभियान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करते हैं, इसलिए इसे पूरी सटीकता और व्यापक भागीदारी के साथ संपन्न किया जाना आवश्यक है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया। बैठक में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि घनी शहरी, झुग्गी एवं अधिक गतिशील आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए पूर्ण और सटीक गणना सुनिश्चित की जाए। लगभग 5.5 लाख प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का सत्यापित डिजिटल डेटाबेस 10 अप्रैल तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी प्रगणकों को फील्ड में भेजने से पहले 16 अप्रैल से 7 मई के बीच अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाए और 6 मई से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं। इसके साथ ही गणना ब्लॉकों का स्पष्ट सीमांकन और जियो-टैगिंग कार्य भी समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना में स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगा, जहां नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस सुविधा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना देश के विकास का आधार है और इससे विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। उन्होंने अधिकारियों से जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने और जन-भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। निदेशक जनगणना शीतल वर्मा ने बताया कि पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकानों की गणना होगी, जबकि दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या गणना की जाएगी। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संपन्न होगी। बैठक में प्रमुख सचिव, वरिष्ठ अधिकारी एवं झांसी एनआईसी से जिलाधिकारी मृदुल चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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