ओरछा | मानव सेवा के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुका यथार्थ हॉस्पिटल अब गौ सेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा न केवल जरूरतमंद मरीजों का इलाज किया जा रहा है, बल्कि बेसहारा, घायल और बीमार गौवंश के उपचार एवं संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हॉस्पिटल की यह पहल समाज में सेवा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यथार्थ हॉस्पिटल की टीम को जैसे ही कहीं किसी घायल या बीमार गाय की सूचना मिलती है, टीम तुरंत सक्रिय हो जाती है। बिना समय गंवाए एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचकर गाय को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाता है, ताकि उसका समय पर इलाज हो सके। इसी क्रम में हाल ही में एक अत्यंत मार्मिक घटना सामने आई, जिसमें एक गाय कचरे के ढेर में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी मिली। गाय दर्द से कराह रही थी और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। आसपास मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो उन्होंने तत्काल यथार्थ हॉस्पिटल की टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही हॉस्पिटल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए बिना किसी देरी के एम्बुलेंस के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। मौके पर पहुंचकर टीम ने पहले गाय की स्थिति का आकलन किया और फिर सावधानीपूर्वक उसे कचरे के ढेर से बाहर निकालकर एम्बुलेंस में शिफ्ट किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता का परिचय दिया, जिससे गाय को और अधिक चोट न पहुंचे। इसके बाद घायल गाय को यथार्थ हॉस्पिटल परिसर में स्थित गौशाला में लाया गया, जहां पहले से ही बीमार एवं बेसहारा गौवंश के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। गौशाला में पहुंचते ही बिना समय गंवाए पशु चिकित्सक को बुलाया गया और गाय का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों द्वारा उसकी गंभीर चोटों का इलाज किया गया और उसे आवश्यक दवाएं एवं देखभाल प्रदान की जा रही है। वर्तमान में गाय की हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है। गौरतलब है कि यथार्थ हॉस्पिटल द्वारा संचालित गौशाला में न केवल घायल बल्कि परित्यक्त एवं बीमार गौवंश को भी आश्रय दिया जाता है। यहां उनके लिए भोजन, पानी, चिकित्सा और सुरक्षित वातावरण की समुचित व्यवस्था की गई है। हॉस्पिटल की टीम नियमित रूप से इन गौवंश की देखभाल करती है, जिससे उन्हें नया जीवन मिल सके। इस सराहनीय कार्य के पीछे हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन चौधरी और जनरल मैनेजर विकास कुमार का विशेष योगदान है। उनके नेतृत्व में टीम निःस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों में जुटी हुई है। उन्होंने यह संकल्प लिया है कि मानव सेवा के साथ-साथ पशु सेवा को भी प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी बेसहारा जीव को पीड़ा में नहीं छोड़ा जाएगा। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने यथार्थ हॉस्पिटल की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां कई लोग घायल पशुओं की ओर ध्यान नहीं देते, वहीं यथार्थ हॉस्पिटल जैसी संस्थाएं समाज को नई दिशा दे रही हैं। यह पहल न केवल गौ सेवा तक सीमित है, बल्कि यह समाज में मानवीय मूल्यों, करुणा और सह-अस्तित्व की भावना को भी सशक्त बना रही है। यथार्थ हॉस्पिटल का यह प्रयास निश्चित रूप से अन्य संस्थाओं और लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है।







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