झांसी। जनपद झांसी के बबीना स्थित ऐतिहासिक दशहरा ग्राउंड बबीना में रविवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय विराट दंगल ने पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में खेल उत्सव का माहौल बना दिया। विशाल मैदान में सुबह से ही खेल प्रेमियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। ग्रामीण अंचल से लेकर शहर तक के हजारों दर्शक इस भव्य आयोजन के साक्षी बने। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दंगल में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए नामी पहलवानों ने भाग लिया। एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों को सीटों से बांधे रखा। हर दांव-पेच पर मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठता था। युवा खिलाड़ियों ने जहां अपनी फुर्ती और ताकत का परिचय दिया, वहीं अनुभवी पहलवानों ने तकनीक और संयम से मुकाबलों को यादगार बना दिया।
खिलाड़ियों के जोश और अनुशासन ने जीता दिल
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र गौरव का माध्यम है। खिलाड़ियों के भीतर जो ऊर्जा, आत्मविश्वास और खेल भावना दिखाई दी, वह निश्चित ही प्रदेश और देश का भविष्य उज्ज्वल करने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदानों का विकास, खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं, छात्रवृत्ति और प्रतियोगिताओं के आयोजन जैसे प्रयासों से युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करें।
जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार श्री मनोहर लाल पंथ, मेयर श्री बिहारी लाल आर्य, विधायक श्री रवि शर्मा, विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) श्रीमती रमा निजन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन गौतम, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी श्री प्रदीप पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राकेश पाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पहलवानों का हाथ मिलाकर अभिनंदन किया और विजेताओं को सम्मानित किया।
सुव्यवस्थित आयोजन की हुई सराहना
आयोजन की सफलता में आयोजक श्री छत्रपाल सिंह यादव एवं उनके सुपुत्र श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह (वीरु जी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंच संचालन से लेकर खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और सुरक्षा तक की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं। अतिथियों एवं दर्शकों ने आयोजन की भव्यता, अनुशासन और व्यवस्थाओं की खुले दिल से सराहना की। दंगल के दौरान स्थानीय युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कई युवा खिलाड़ियों ने प्रेरणा लेते हुए भविष्य में कुश्ती को अपनाने की इच्छा भी जताई। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन से न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पहचान और मंच भी मिलता है।
खेल संस्कृति को मिला नया आयाम
अंतरराष्ट्रीय विराट दंगल ने यह साबित कर दिया कि बुंदेलखंड की धरती पर प्रतिभा और परंपरा दोनों की कोई कमी नहीं है। बबीना का दशहरा ग्राउंड खेल प्रेमियों के उत्साह, पहलवानों की ताकत और जनसमर्थन का साक्षी बना। यह आयोजन आने वाले समय में क्षेत्र में और बड़े खेल आयोजनों की राह प्रशस्त करेगा।
रिपोर्ट– संजीव गोस्वामी "संजू", झांसी



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